होली का त्यौहार आने वाला है, पूरा देश इसको मानाने की तैयारियों में लग गया है. लेकिन क्या आप जानते है कुछ ऐसे भी गांव है जहाँ पर होली नहीं खेली जाती है. ये गांव नालंदा के है, जहाँ पर होली नहीं खेली जाती है.
नालंदा ज़िले के इन 5 गांवों में होली मनाने की अलग परंपरा है. यहाँ पर होली (Holi) के दिन ग्रामीण रंग नहीं बल्कि खेलते बल्कि भगवन की भक्ति में लीन रहते हैं. इसके अलावा होली के दिन घरो में चूल्हा भी नहीं जलता है. लोग भक्ति के बाद शुद्ध शाकाहारी खाना खाते हैं.
कौन से है वो 5 गांव जहाँ होली नहीं खेलते
सदर प्रखंड बिहार शरीफ से सटे हुए इन गांव के नाम है:-
1. पतुआना
2. बासवन बीघा
3. ढिबरापर
4. नकतपुरा
5. डेढ़धरा गांव
ये है मान्यता
यहां के स्थानीय लोग बताते हैं कि यह परंपरा 51 साल से चली आ रही है. पद्मश्री से सम्मानित बसवन बीघा गांव निवासी कपिल देव प्रसाद (Kapil Dev Prasad) ने इसके बारे में बताया कि एक सिद्ध पुरुष संत बाबा कई वर्ष पहले आये थे उन्होंने कहा कि Holi पर शराब पीने और रंग खेलने से अच्छा है अखंड पूजा की जाये. इससे शांति और समृद्ध जीवन व्यतीत होगा.





