राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने राजस्थान में महिलाओं के खिलाफ अपराध की हालिया घटनाओं पर अपनी ही सरकार की आलोचना की थी, जिसके बाद राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्यपाल कलराज मिश्र को राज्य मंत्री राजेन्द्र सिंह गुढ़ा को बर्खास्त करने की अनुशंसा कर उनको मंत्री पद से बर्खास्त किया। अब उनकी पहली प्रतिक्रिया सामने आयी है.
उन्होंने कहा कि “हमें बहन बेटियों ने इसलिए जिताकर भेजा था कि हम उनके मान-सम्मान की रक्षा और हिफाजत कर सकें। सारे रिकॉर्ड कहते हैं कि राजस्थान महिला अत्याचार में नंबर एक पर पहुंच गया है”.
राजस्थान सरकार में पूर्व राज्य मंत्री राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने आगे कहा कि “जिस तरह से मणिपुर की घटना थी वह शर्मसार कर देने वाली घटना थी है और उसकी निंदा होनी चाहिए। हमने बस इतना कहा था कि हमें अपने गिरेबान में झांकना चाहिए। हम 4 महिने बाद जनता के बीच में जाएंगे, हम जनता का सामना कैसे करेंगे? हमने बस गिरेबान की बात की थी, और कोई बात नहीं थी”.
जब सरकार अल्पमत में थी, उस समय हमने इसको मज़बूती देने के लिए हर संभव प्रयास किए थे। जब भी इस सरकार पर कोई संकट आया, जब भी कोई दिक्कत आई, हम गहलोत साहब के साथ पूरी ताकत के साथ रहे”.





