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पेरिस ओलिंपिक के बाद ले लिया था संन्यास, अब 57 किलो वर्ग में उतरेंगी
GONDA: भारतीय महिला पहलवान विनेश फोगाट एक बार फिर कुश्ती के अखाड़े में वापसी करने जा रही हैं. उनकी यह वापसी भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष व भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के गृह क्षेत्र नवाबगंज से हो रही है. उन्होंने गोंडा में 10 से 12 मई तक आयोजित होने वाली राष्ट्रीय ओपन रैंकिंग कुश्ती प्रतियोगिता के लिए अपना पंजीकरण करा लिया है. पेरिस ओलिंपिक 2024 में 100 ग्राम अधिक वजन होने के कारण पदक से चूकने के बाद यह उनकी पहली प्रतिस्पर्धा होगी. यह प्रतियोगिता गोंडा के नवाबगंज स्थित नंदिनीनगर स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित होगी, जिसकी स्थापना बृजभूषण ने कराई थी। विनेश की वापसी इसी क्षेत्र से होने को लेकर राजनीतिक और खेल जगत में भी चर्चा तेज हो गई है.
पहलवान विनेश फोगाट ने आरोप लगाया था
प्रतियोगिता के पंजीकरण को लेकर हाल ही में विवाद भी सामने आया था. विनेश ने आरोप लगाया था कि भारतीय कुश्ती महासंघ जानबूझकर उनका आनलाइन पंजीकरण नहीं होने दे रहा है. हालांकि महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय सिंह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि विनेश ने 27 अप्रैल की रात 10 बजकर 29 मिनट पर सफलतापूर्वक अपना पंजीकरण कर लिया था. उन्होंने कहा कि तकनीकी समस्या को दूर कर दिया गया है और महासंघ किसी भी खिलाड़ी को रोकने का प्रयास नहीं कर रहा है. यह एक ओपन टूर्नामेंट है, जिसमें देश के सभी इच्छुक पहलवान भाग ले सकते हैं.
10 मई को फ्रीस्टाइल, 11 मई को ग्रीको रोमन और 12 मई को महिला कुश्ती स्पर्धाएं
तीन दिवसीय प्रतियोगिता में 10 मई को फ्रीस्टाइल, 11 मई को ग्रीको रोमन और 12 मई को महिला कुश्ती स्पर्धाएं होंगी. विनेश 57 किलोग्राम भार वर्ग में उतरेंगी. इस प्रतियोगिता में पदक जीतने वाले पहलवानों को राष्ट्रीय शिविर के लिए चुना जाएगा, जिससे उनके लिए एशियाई खेलों के चयन ट्रायल्स का रास्ता खुलेगा. यह टूर्नामेंट उन पहलवानों के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जो 2025 की राष्ट्रीय चैंपियनशिप या 2026 के फेडरेशन कप में भाग नहीं ले सके थे.
कांग्रेस विधायक हैं विनेश फोगाट
विनेश फोगाट ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर आंदोलन का नेतृत्व किया था. इसके बाद उन्होंने संन्यास की घोषणा की थी. हरियाणा की जुलाना सीट से कांग्रेस विधायक बनीं और दिसंबर 2025 में संन्यास वापस लेकर कुश्ती में लौटने का फैसला किया।





