March 13, 2026 11:35 pm

बैंकॉक की मस्ती, दिल्ली की सख्ती! IAS-IPS अफसरों की ट्रिप पर जांच

बिना अनुमति बैंकॉक ट्रिप पर गए IAS-IPS अफसर? दिल्ली तक पहुंची भनक, मच गया हड़कंप

‘सीक्रेट वेकेशन’ पर सरकार की सख्त नजर

NEW DELHI : देश के कुछ वरिष्ठ नौकरशाहों की कथित “सीक्रेट बैंकॉक ट्रिप” ने सरकारी गलियारों में हलचल मचा दी है। सूत्रों के मुताबिक, Indian Administrative Service (IAS) और Indian Police Service (IPS) के कुछ अधिकारियों ने कथित तौर पर बिना जरूरी अनुमति लिए विदेश यात्रा की। मामला सामने आने के बाद केंद्र सरकार ने इसे गंभीरता से लेते हुए आंतरिक जांच शुरू कर दी है।

नियम साफ: विदेश जाने से पहले जरूरी है मंजूरी

सरकारी नियमों के अनुसार, अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों को किसी भी विदेशी यात्रा से पहले सक्षम प्राधिकारी से अनुमति लेना अनिवार्य होता है। इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी आमतौर पर Department of Personnel and Training (DoPT) करता है।
अगर कोई अधिकारी बिना अनुमति विदेश जाता है तो यह सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन माना जाता है।

इमिग्रेशन रिकॉर्ड से खुल सकता है पूरा राज

सूत्र बताते हैं कि अधिकारियों की कथित बैंकॉक यात्रा की पुष्टि के लिए एजेंसियां यात्रा रिकॉर्ड खंगाल रही हैं। इसके तहत Bureau of Immigration और Airports Authority of India के डाटा की जांच की जा सकती है।
फ्लाइट मैनिफेस्ट, पासपोर्ट एंट्री और यात्रा की तारीखों से यह आसानी से पता लगाया जा सकता है कि कौन-कौन अधिकारी विदेश गए थे।

‘ट्रिप का पैसा किसने दिया?’ जांच में यह भी बड़ा सवाल

जांच का फोकस केवल यात्रा तक सीमित नहीं रहेगा। सूत्रों के मुताबिक, यह भी देखा जा सकता है कि इस यात्रा का खर्च किसने उठाया।
बैंक रिकॉर्ड, कार्ड ट्रांजेक्शन और विदेशी मुद्रा खरीद से जुड़े लेनदेन की जांच कर यह पता लगाया जा सकता है कि यात्रा निजी खर्च पर थी या किसी तीसरे पक्ष ने स्पॉन्सर की थी।

अधिकारियों से मांगा जा सकता है जवाब

सरकारी हलकों में चर्चा है कि जिन अधिकारियों पर बिना अनुमति विदेश यात्रा का संदेह है, उनसे जल्द ही जवाब तलब किया जा सकता है। उनसे यात्रा का पूरा ब्यौरा, खर्च और संभावित मेजबानों की जानकारी देने को कहा जा सकता है।

नियम तोड़े तो हो सकती है कड़ी कार्रवाई

अतीत में भी ऐसे मामलों में कई अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई हो चुकी है। नियमों के उल्लंघन पर चेतावनी, विभागीय जांच, पदोन्नति पर रोक या यहां तक कि निलंबन जैसी कार्रवाई भी संभव है। सूत्रों का कहना है कि हाल के वर्षों में सरकार विदेशी यात्राओं को लेकर बेहद सतर्क हो गई है और किसी भी तरह की अनियमितता अब आसानी से जांच के दायरे में आ सकती है।

UP Ka Agenda
Author: UP Ka Agenda

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