जेनेवा: संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय द्वारा नित्यानंद को बड़ा झटका लगा है. गुरुवार को UN ने साफ कहा कि नित्यानंद (Nityanand) द्वारा स्थापित किए गए तथाकथित देश कैलासा’ के प्रतिनिधियों की सार्वजनिक बैठकों में की गई कोई भी प्रस्तुति फिजूल थी और उस पर विचार नहीं किया जा सकता.
कैसे मिला मौका
UN में हुई ये बैठक में कोई भी रजिस्ट्रेशन कर सकता था. इसमें रजिस्ट्रेशन NGO और आम जनता के लिए खुला होता है. इसी का फायदा उठाकर एक NGO के जरिये ‘कैलासा’ ने इसमें हिस्सा ले लिया.
भारत के पूर्व स्थायी प्रतिनिधि T S Tirumurti ने कहा कि यह संयुक्त राष्ट्र (UN) की प्रक्रियाओं का पूरी तरह से दुरुपयोग है कि एक भगोड़े द्वारा चलाए जा रहे संगठन के प्रतिनिधि UN की बैठक में NGO या अन्य किसी रूप में हिस्सा लेते हैं.





