- दीपोत्सव से पहले यूपीएसटीडीसी ने शुरू किया ‘अयोध्या डिवाइन हेरिटेज ट्रेल’ टूर पैकेज
- एक नवंबर से होगी शुरुआत, रोजाना दो बैच में एसी वाहन से कराई जाएगी छह घंटे की यात्रा
LUCKNOW: रामनगरी अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को अब प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन के लिए अलग-अलग व्यवस्था नहीं करनी होगी. उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (यूपीएसटीडीसी) ने छह घंटे में अयोध्या के प्रमुख मंदिरों, कुंडों और घाटों का भ्रमण कराने के लिए एक दिवसीय ‘अयोध्या डिवाइन हेरिटेज ट्रेल’ टूर पैकेज शुरू किया है. एक नवंबर से शुरू होने वाली इस सुविधा के जरिए पर्यटक एक ही दिन में रामनगरी की धार्मिक विरासत और ऐतिहासिक स्थलों को करीब से जान सकेंगे.
दीपोत्सव-2026 से पहले शुरू की जा रही इस विशेष यात्रा के लिए प्रतिदिन दो बैच निर्धारित किए गए हैं. पहला बैच सुबह 10 बजे लता मंगेशकर चौक से रवाना होकर शाम चार बजे तक भ्रमण पूरा करेगा, जबकि दूसरा बैच दोपहर एक बजे शुरू होकर शाम सात बजे समाप्त होगा. पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि अयोध्या की धार्मिक परंपराओं में 14 कोसी परिक्रमा का विशेष महत्व है. यह श्रद्धालुओं की आस्था और भक्ति का प्रतीक है. सरकार इस टूर पैकेज के माध्यम से अयोध्या के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक अनुभव को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना चाहती है.
रामायण म्यूजियम से सरयू आरती तक का सफर
इस छह घंटे की यात्रा की शुरुआत लता मंगेशकर चौक से होगी. यहां से पर्यटकों को सबसे पहले रामायण वैक्स म्यूजियम ले जाया जाएगा. यहां भगवान श्रीराम, माता सीता और रामायण के दूसरे प्रमुख पात्रों की मोम से बनी प्रतिमाओं के माध्यम से महाकाव्य के प्रसंगों को देखने और समझने का अवसर मिलेगा.
इसके बाद यात्रा में सूर्य कुंड, गिरिजा कुंड और पंचमुखी महादेव मंदिर के दर्शन शामिल होंगे. यहां से पर्यटक गुप्तार घाट, झुनकी घाट, लक्ष्मण किला और शेषावतार मंदिर पहुंचेंगे. इसके अलावा स्वर्गद्वार, राम की पैड़ी और नागेश्वरनाथ मंदिर भी इस धार्मिक यात्रा का हिस्सा होंगे. छह घंटे के इस भ्रमण का समापन सरयू आरती के साथ होगा. आरती के बाद पर्यटकों को वापस लता मंगेशकर चौक पहुंचाया जाएगा.
एसी वाहन और गाइड की मिलेगी सुविधा
यूपीएसटीडीसी के अध्यक्ष अमृत अभिजात के मुताबिक, टूर पैकेज में सभी निर्धारित स्थलों तक आने-जाने के लिए एसी वाहन उपलब्ध कराया जाएगा. पर्यटकों के साथ स्थानीय टूर गाइड या कोआर्डिनेटर भी रहेंगे, जो रास्ते में पड़ने वाले धार्मिक स्थलों का इतिहास, उनका आध्यात्मिक महत्व और उनसे जुड़े रोचक प्रसंग बताएंगे. हालांकि, पैकेज में होटल में ठहरने और भोजन की सुविधा शामिल नहीं है.





