- 15 दिन पहले शुरू होगा नया पर्यटन सत्र, सैलानियों को मिलेगा अतिरिक्त समय
- वन मंत्री डा. अरुण कुमार सक्सेना दुधवा नेशनल पार्क से करेंगे शुभारंभ
LUCKNOW : जंगल की सैर और बाघ समेत दूसरे वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक आवास में देखने के शौकीनों के लिए अच्छी खबर है. प्रदेश के सभी प्रमुख टाइगर रिजर्व और नेशनल पार्क एक नवंबर से पर्यटकों के लिए खोल दिए जाएंगे. वन मंत्री डा. अरुण कुमार सक्सेना रविवार को दुधवा नेशनल पार्क से नए पर्यटन सत्र का शुभारंभ करेंगे. पिछले वर्ष की तरह इस बार भी पर्यटन सत्र की शुरुआत निर्धारित समय से 15 दिन पहले की जा रही है. इससे सैलानियों को जंगल सफारी का रोमांच लेने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा.
प्रदेश में दुधवा नेशनल पार्क, पीलीभीत टाइगर रिजर्व, कतर्नियाघाट और चित्रकूट स्थित रानीपुर टाइगर रिजर्व वन्यजीव पर्यटन के प्रमुख केंद्र हैं. हर साल बड़ी संख्या में देशी और विदेशी पर्यटक यहां पहुंचते हैं. जंगल सफारी के दौरान उन्हें बाघ, तेंदुआ, हाथी समेत विभिन्न वन्यजीवों को करीब से देखने का अवसर मिलता है. मानसून के दौरान वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास और जंगल के पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए इन पर्यटन स्थलों को बंद रखा जाता है.
मानसून में बंद रहते हैं सफारी के रास्ते
आमतौर पर पर्यटन सत्र 15 नवंबर से शुरू होता है. बारिश के दौरान जंगल के कच्चे रास्ते खराब हो जाते हैं. कई स्थानों पर जलभराव और कटान के कारण आवागमन भी मुश्किल हो जाता है. इसके अलावा मानसून वन्यजीवों के प्रजनन और उनकी प्राकृतिक गतिविधियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण होता है. ऐसे में पर्यटकों की आवाजाही रोक दी जाती है. सामान्य व्यवस्था के तहत टाइगर रिजर्व और नेशनल पार्क 15 जून से 14 नवंबर तक बंद रहते हैं. मानसून खत्म होने के बाद वन विभाग जंगल के रास्तों, सफारी मार्गों और पर्यटकों के लिए जरूरी सुविधाओं को दुरुस्त कराता है. इस बार सरकार ने पिछले वर्ष की व्यवस्था को जारी रखते हुए 15 दिन पहले पर्यटन गतिविधियां शुरू करने के निर्देश दिए हैं. इसके तहत वन विभाग ने तैयारियां पूरी कर ली हैं. प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्यजीव अनुराधा वेमूरी ने बताया कि नए पर्यटन सत्र के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. पर्यटकों की सुविधा और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाएगा.





